परिचय
गणित में जब हम किसी पूरे को समान भागों में बाँटते हैं और उन भागों में से कुछ भाग लेते हैं, तो उसे भिन्न (Fraction) कहा जाता है।
भिन्न को हम इस प्रकार लिखते हैं – अंशहर\frac{\text{अंश}}{\text{हर}}हरअंश
जहाँ –
- ऊपरी संख्या को अंश (Numerator) कहा जाता है।
- निचली संख्या को हर (Denominator) कहा जाता है।
उदाहरण:
भिन्न 34\tfrac{3}{4}43 में
- अंश = 3 (तीन भाग लिए गए हैं),
- हर = 4 (पूरे को चार भागों में बाँटा गया है)।
अंश (Numerator) की परिभाषा
अंश वह संख्या होती है जो भिन्न के ऊपर लिखी जाती है और यह बताती है कि पूरे में से कितने भाग लिए या माने गए हैं।
अंश के गुण
- अंश किसी भी संख्या का हो सकता है – 0, धनात्मक या ऋणात्मक।
- यदि अंश छोटा हो और हर बड़ा, तो भिन्न “सही भिन्न (Proper Fraction)” कहलाता है।
- यदि अंश हर के बराबर या उससे बड़ा हो, तो भिन्न “असही भिन्न (Improper Fraction)” कहलाता है।
- अंश जितना बड़ा होगा, भिन्न का मान उतना बड़ा होगा (जब हर समान हो)।
उदाहरण:
- 25\tfrac{2}{5}52 में अंश 2 है।
- 73\tfrac{7}{3}37 में अंश 7 है।
- 09=0\tfrac{0}{9} = 090=0 — यहाँ अंश शून्य है।
हर (Denominator) की परिभाषा
हर वह संख्या होती है जो भिन्न के नीचे लिखी जाती है और यह बताती है कि पूरे को कितने बराबर भागों में बाँटा गया है।
हर के गुण
- हर कभी 0 नहीं हो सकता, क्योंकि किसी भी संख्या को शून्य से विभाजित नहीं किया जा सकता।
- हर जितना बड़ा होगा, प्रत्येक भाग उतना छोटा होगा (जब अंश समान हो)।
- यदि हर = 1 हो, तो भिन्न का मान स्वयं अंश के बराबर होता है।
- हर और अंश दोनों में समान गुणक होने पर भिन्न को सरलतम रूप (Simplest form) में बदला जा सकता है।
उदाहरण:
- 58\tfrac{5}{8}85 में हर 8 है।
- 93\tfrac{9}{3}39 में हर 3 है।
- 71=7\tfrac{7}{1} = 717=7 — यहाँ हर 1 होने से भिन्न पूर्ण संख्या बन जाता है।
अंश और हर में अंतर
| क्रमांक | अंश (Numerator) | हर (Denominator) |
|---|---|---|
| 1 | भिन्न के ऊपर लिखा जाता है | भिन्न के नीचे लिखा जाता है |
| 2 | यह बताता है कि कितने भाग लिए गए हैं | यह बताता है कि पूरे को कितने भागों में बाँटा गया है |
| 3 | अंश 0 हो सकता है | हर कभी 0 नहीं हो सकता |
| 4 | अंश बढ़ाने पर भिन्न का मान बढ़ता है | हर बढ़ाने पर भिन्न का मान घटता है |
| 5 | उदाहरण: 34\tfrac{3}{4}43 में अंश = 3 | उदाहरण: 34\tfrac{3}{4}43 में हर = 4 |
संबंधित शब्दावली
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| भिन्न (Fraction) | किसी पूरे के समान भागों में से एक या अधिक भाग को दर्शाने का तरीका |
| सही भिन्न (Proper Fraction) | जब अंश < हर |
| असही भिन्न (Improper Fraction) | जब अंश ≥ हर |
| मिश्र भिन्न (Mixed Fraction) | एक पूर्णांक और एक भिन्न का संयोजन |
| समतुल्य भिन्न (Equivalent Fraction) | अलग-अलग अंश और हर वाले भिन्न जिनका मान समान हो |
| उल्टा भिन्न (Reciprocal) | भिन्न को उल्टा करने पर प्राप्त नया भिन्न (जैसे 34\tfrac{3}{4}43 का उल्टा 43\tfrac{4}{3}34) |
उदाहरण द्वारा समझें
यदि 23\tfrac{2}{3}32 लिखा है, तो अंश = 2, हर = 3।
इसका अर्थ हुआ कि किसी वस्तु को 3 बराबर भागों में बाँटा गया है और उनमें से 2 भाग लिए गए हैं।
यदि 94\tfrac{9}{4}49 लिखा है, तो अंश = 9, हर = 4।
यह एक असही भिन्न है, जिसे मिश्र भिन्न के रूप में 2142 \tfrac{1}{4}241 लिखा जा सकता है।
यदि 1212=1\tfrac{12}{12} = 11212=1, तो इसका अर्थ है कि पूरे के सभी भाग लिए गए हैं।
प्रश्न-उत्तर अभ्यास (Q&A)
प्रश्न 1: भिन्न 58\tfrac{5}{8}85 में अंश क्या है?
उत्तर: 5
प्रश्न 2: भिन्न 97\tfrac{9}{7}79 में हर क्या है?
उत्तर: 7
प्रश्न 3: यदि अंश = 3 और हर = 4 हो, तो भिन्न का मान क्या होगा?
उत्तर: 34\tfrac{3}{4}43
प्रश्न 4: क्या हर = 0 हो सकता है?
उत्तर: नहीं, हर कभी 0 नहीं हो सकता।
प्रश्न 5: 63\tfrac{6}{3}36 को सरलतम रूप में लिखिए।
उत्तर: 63=2\tfrac{6}{3} = 236=2 (क्योंकि 3 से दोनों संख्याएँ विभाज्य हैं)।
(FAQs)
प्र.1: अंश क्या होता है?
उ.1: अंश वह संख्या है जो भिन्न के ऊपर लिखी जाती है और यह बताती है कि कितने भाग लिए गए हैं।
प्र.2: हर क्या होता है?
उ.2: हर वह संख्या होती है जो भिन्न के नीचे होती है और यह बताती है कि पूरे को कितने बराबर भागों में बाँटा गया है।
प्र.3: अंश और हर का मुख्य अंतर क्या है?
उ.3: अंश भागों की संख्या दर्शाता है जबकि हर भागों की कुल संख्या दर्शाता है।
प्र.4: यदि हर बढ़े तो भिन्न का मान क्या होगा?
उ.4: हर बढ़ने पर भिन्न का मान घटता है (जब अंश समान हो)।
प्र.5: क्या अंश और हर दोनों को एक ही संख्या से विभाजित किया जा सकता है?
उ.5: हाँ, यदि कोई समान गुणक हो तो दोनों को उस संख्या से विभाजित कर भिन्न को सरल रूप में लिखा जा सकता है।
निष्कर्ष
अंश और हर भिन्न का आधार हैं। इन्हीं के माध्यम से हम किसी हिस्से, अनुपात या प्रतिशत को समझ सकते हैं। यदि इन दोनों की परिभाषा और उपयोग सही से समझ लिया जाए तो भिन्न, दशमलव, प्रतिशत, अनुपात जैसे सभी गणितीय विषय सरल हो जाते हैं।