गणित में दशमलव (Decimal) का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। दशमलव संख्याएँ हमें पूर्णांक और भिन्न (fraction) के बीच के मान को व्यक्त करने में मदद करती हैं। इस लेख में हम जानेंगे — दशमलव की परिभाषा, दशमलव जोड़ना, घटाना, गुणा और भाग करने के नियम, उदाहरण सहित।
दशमलव की परिभाषा (Definition of Decimal)
दशमलव वह संख्या होती है जिसमें एक बिंदु (.) के द्वारा संख्या को दो भागों में बाँटा जाता है —
- पूर्णांक भाग (Whole Part)
- अंश भाग (Fractional Part)
जैसे – 12.35
- 12 → पूर्णांक भाग
- .35 → अंश भाग
दशमलव में “.” को दशमलव बिंदु कहा जाता है।
यह प्रणाली “दशमलव पद्धति” (Base-10 system) पर आधारित है, जिसमें हर अंक अपने स्थान (place value) के अनुसार 10 की किसी घात से जुड़ा होता है।
दशमलव जोड़ना (Addition of Decimals)
दशमलव जोड़ना आसान है यदि सही तरीके से किया जाए।
नियम:
- दशमलव बिंदुओं को एक सीध में लिखें।
- यदि किसी संख्या के दशमलव के बाद कम अंक हों, तो शून्य (0) जोड़कर बराबर करें।
- अब सामान्य जोड़ की तरह जोड़ें।
- दशमलव बिंदु को सीधा नीचे लिखें।
उदाहरण:
3.45
+ 1.678
= 5.128
टिप: जोड़ से पहले अंश भाग की लंबाई समान करना आवश्यक है।
दशमलव घटाना (Subtraction of Decimals)
नियम:
- दशमलव बिंदुओं को एक सीध में रखें।
- अंश भाग की लंबाई समान करें (जरूरत हो तो शून्य जोड़ें)।
- सामान्य घटाव की तरह दाएँ से घटाना शुरू करें।
- जहाँ जरूरत हो, उधार (borrow) लें।
उदाहरण:
5.203
− 2.78
= 2.423
टिप: यदि किसी स्थान पर उधार लेना पड़े, तो अंश भाग से पूर्णांक भाग तक भी उधार ले सकते हैं।
दशमलव गुणा (Multiplication of Decimals)
दशमलव गुणा में मुख्य बात यह है कि गुणा सामान्य तरीके से किया जाता है, फिर परिणाम में दशमलव बिंदु लगाया जाता है।
नियम:
- दोनों संख्याओं से दशमलव बिंदु हटा दें और सामान्य गुणा करें।
- दोनों संख्याओं के दशमलव अंकों की कुल संख्या गिनें।
- गुणा के परिणाम में दाएँ से उतने अंक छोड़कर दशमलव बिंदु लगाएँ।
उदाहरण:
2.34 × 1.2
= 2.808
(कुल 3 दशमलव अंक – इसलिए परिणाम 2.808 होगा)
दशमलव भाग (Division of Decimals)
दशमलव भाग करने का सबसे आसान तरीका है कि divisor (जिससे भाग किया जा रहा है) को पूर्णांक बना दें।
नियम:
- यदि divisor दशमलव है, तो उसे पूर्णांक बनाने के लिए dividend और divisor दोनों को 10, 100 आदि से गुणा करें।
- अब सामान्य division करें।
- परिणाम में दशमलव बिंदु वहीं लगाएँ जितना आपने shift किया था।
उदाहरण:
4.5 ÷ 0.15
= 30
(दोनों को 100 से गुणा किया → 450 ÷ 15 = 30)
सारणी (Summary Table)
| क्रिया | नियम | उदाहरण |
|---|---|---|
| जोड़ना | दशमलव बिंदु एक सीध में रखें | 3.45 + 1.678 = 5.128 |
| घटाना | दशमलव बिंदु एक सीध में रखें, उधार लें | 5.203 – 2.78 = 2.423 |
| गुणा | सामान्य गुणा करें, फिर दशमलव बिंदु लगाएँ | 2.34 × 1.2 = 2.808 |
| भाग | divisor को पूर्णांक बनाकर भाग करें | 4.5 ÷ 0.15 = 30 |
उदाहरण प्रश्न (Examples)
- 7.56 + 3.4 = 10.96
- 9.205 – 2.98 = 6.225
- 0.75 × 0.4 = 0.3
- 6.3 ÷ 0.21 = 30
(FAQs)
प्र.1: दशमलव जोड़ने के लिए क्या नियम है?
उत्तर: दशमलव बिंदु को एक सीध में रखकर जोड़ना चाहिए, और अंश भागों की लंबाई समान करनी चाहिए।
प्र.2: दशमलव घटाने में क्या ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर: यदि अंश भाग छोटा है, तो शून्य जोड़ें और उधार लेते समय दशमलव बिंदु का ध्यान रखें।
प्र.3: दशमलव गुणा में बिंदु कैसे लगाया जाता है?
उत्तर: दोनों संख्याओं के अंश भागों के कुल अंकों की संख्या के अनुसार परिणाम में दशमलव बिंदु लगाया जाता है।
प्र.4: दशमलव भाग कैसे करते हैं?
उत्तर: divisor को पूर्णांक बनाने के लिए dividend और divisor दोनों को समान गुणक (10, 100 आदि) से गुणा करें, फिर सामान्य भाग करें।
प्र.5: दशमलव और भिन्न में क्या अंतर है?
उत्तर: दशमलव एक भिन्न का दशमलव रूप (decimal form) है। जैसे 0.5 = ½। दशमलव में भिन्न को दशमलव बिंदु के साथ लिखा जाता है।