प्रस्तावना
गणित में जब हमें यह जानना होता है कि किसी वस्तु-समुच्चय से वस्तुओं को कितने विभिन्न तरीकों से चुना या व्यवस्थित किया जा सकता है, तब क्रमचय (Permutation) और संचय (Combination) का प्रयोग किया जाता है।
ये दोनों विषय संयोजनात्मक गणित (Combinatorics) के मूल स्तंभ हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं में अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
क्रमचय की परिभाषा (Definition of Permutation)
जब किसी वस्तु-समुच्चय से कुछ वस्तुएँ इस प्रकार चुनी जाती हैं कि उनका क्रम (Order) मायने रखता है, तो उसे क्रमचय कहा जाता है।
उदाहरण:
यदि हमारे पास तीन अक्षर {A, B, C} हैं और हमें दो अक्षरों का चयन करना हो, तो “AB” और “BA” दोनों अलग-अलग क्रमचय कहलाएँगे, क्योंकि यहाँ क्रम बदलने से परिणाम बदलता है।
क्रमचय का सूत्र (Permutation Formula)
nPr=n!(n−r)!^{n}P_{r} = \frac{n!}{(n-r)!}nPr=(n−r)!n!
जहाँ
- nnn = कुल वस्तुओं की संख्या
- rrr = चुनी जाने वाली वस्तुओं की संख्या
- n!n!n! = n का फैक्टरियल = n×(n−1)×(n−2)…1n \times (n-1) \times (n-2) \dots 1n×(n−1)×(n−2)…1
उदाहरण:
5 वस्तुओं में से 3 का क्रमचय निकालना है — 5P3=5!2!=60^{5}P_{3} = \frac{5!}{2!} = 605P3=2!5!=60
अर्थात 60 विभिन्न क्रम संभव हैं।
संचय की परिभाषा (Definition of Combination)
जब वस्तुओं को इस प्रकार चुना जाता है कि उनका क्रम (Order) महत्व नहीं रखता, तब उसे संचय (Combination) कहा जाता है।
उदाहरण:
तीन अक्षर {A, B, C} में से दो अक्षर चुनने हों — तो {A,B} और {B,A} दोनों को एक ही संचय माना जाएगा।
संचय का सूत्र (Combination Formula)
nCr=n!r!(n−r)!^{n}C_{r} = \frac{n!}{r!(n-r)!}nCr=r!(n−r)!n!
जहाँ
- nnn = कुल वस्तुएँ
- rrr = चुनी जाने वाली वस्तुएँ
- क्रम मायने नहीं रखता।
उदाहरण:
8 छात्रों में से 3 छात्रों की टीम बनाने के तरीके: 8C3=8!3!×5!=56^{8}C_{3} = \frac{8!}{3! \times 5!} = 568C3=3!×5!8!=56
क्रमचय और संचय में अंतर
| आधार | क्रमचय (Permutation) | संचय (Combination) |
|---|---|---|
| क्रम का महत्व | क्रम बदलने पर अलग परिणाम | क्रम बदलने पर परिणाम समान |
| सूत्र | nPr=n!(n−r)!^{n}P_{r} = \frac{n!}{(n-r)!}nPr=(n−r)!n! | nCr=n!r!(n−r)!^{n}C_{r} = \frac{n!}{r!(n-r)!}nCr=r!(n−r)!n! |
| संबंध | nPr=nCr×r!^{n}P_{r} = ^{n}C_{r} \times r!nPr=nCr×r! | nCr=nPrr!^{n}C_{r} = \frac{^{n}P_{r}}{r!}nCr=r!nPr |
| उदाहरण | “AB” ≠ “BA” | “AB” = “BA” |
क्रमचय के विशेष प्रकार
- पुनरावृत्ति सहित (With Repetition):
जब वस्तुएँ बार-बार ली जा सकती हों, तब कुल क्रमचय = nrn^rnr - वृत्ताकार क्रमचय (Circular Permutation):
जब वस्तुएँ वृत्त में व्यवस्थित करनी हों, तो कुल क्रम = (n−1)!(n-1)!(n−1)! - समान वस्तुओं का क्रमचय:
यदि कुछ वस्तुएँ समान हों, तो n!p1!×p2!×p3!…\frac{n!}{p_1! \times p_2! \times p_3! \dots}p1!×p2!×p3!…n!
संचय के विशेष प्रकार
- पुनरावृत्ति सहित संचय (Combination with Repetition):
यदि वस्तु दोहराई जा सकती हो, तो n+r−1Cr^{n+r-1}C_{r}n+r−1Cr - आवश्यक या निषिद्ध वस्तुओं वाला संचय:
यदि कोई वस्तु हर बार चयन में होनी चाहिए, तो शेष वस्तुओं से n−1Cr−1^{n-1}C_{r-1}n−1Cr−1 तरीके होंगे।
क्रमचय एवं संचय के उदाहरण
उदाहरण 1:
6 विद्यार्थियों में से 3 को क्रमबद्ध करना है। 6P3=6!3!=120^{6}P_{3} = \frac{6!}{3!} = 1206P3=3!6!=120
उदाहरण 2:
10 खिलाड़ियों में से 4 की टीम बनानी है (क्रम मायने नहीं रखता)। 10C4=10!4!6!=210^{10}C_{4} = \frac{10!}{4!6!} = 21010C4=4!6!10!=210
उदाहरण 3:
शब्द “BOOK” से कितने अलग-अलग क्रम बनाए जा सकते हैं?
कुल 4 अक्षर, जिनमें O दो बार है: 4!2!=12\frac{4!}{2!} = 122!4!=12
उदाहरण 4:
7 फलों में से 4 ऐसे चुनने हैं जिनमें से एक फल हमेशा लिया जाए। 6C3=20^{6}C_{3} = 206C3=20
अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)
- 5 पुस्तकें हैं, 3 को कितने तरीकों से क्रमबद्ध किया जा सकता है?
- 8 व्यक्तियों में से 2 को समिति में चुनने के कितने तरीके हैं?
- 4 अक्षर A, B, C, D में से 3 का क्रमचय निकालिए।
- 10 वस्तुओं में से 5 का संचय ज्ञात कीजिए।
- “MISSISSIPPI” शब्द के विभिन्न क्रमों की संख्या ज्ञात कीजिए।
निष्कर्ष
क्रमचय एवं संचय गणित की वह विधा है जो विन्यास और चयन की सभी समस्याओं को हल करती है।
क्रमचय में क्रम का महत्व होता है जबकि संचय में नहीं।
इन दोनों सूत्रों का सही प्रयोग आपको प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे SSC, Banking, JEE, NEET, और अन्य Aptitude Tests में तेज़ी से उत्तर निकालने में मदद करता है।
5 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्र.1. क्रमचय और संचय में क्या अंतर है?
उ. क्रमचय में क्रम का महत्व होता है जबकि संचय में केवल चयन का।
प्र.2. क्रमचय का सामान्य सूत्र क्या है?
उ. nPr=n!(n−r)!^{n}P_{r} = \frac{n!}{(n-r)!}nPr=(n−r)!n!
प्र.3. संचय का सूत्र क्या है?
उ. nCr=n!r!(n−r)!^{n}C_{r} = \frac{n!}{r!(n-r)!}nCr=r!(n−r)!n!
प्र.4. पुनरावृत्ति के साथ क्रमचय कितने होते हैं?
उ. nrn^rnr, जब वस्तु बार-बार ली जा सकती हो।
प्र.5. क्रमचय और संचय का आपस में क्या संबंध है?
उ. nPr=nCr×r!^{n}P_{r} = ^{n}C_{r} \times r!nPr=nCr×r!