परिचय — बहुपद क्या होता है?
बहुपद (Polynomial) गणित में एक ऐसी बीजीय अभिव्यक्ति (algebraic expression) है, जिसमें चर (variable) और गुणांक (coefficients) होते हैं, और प्रत्येक पद (term) में चर का घातांक (power) गैर-ऋणात्मक पूर्णांक होता है।
साधारण शब्दों में —
बहुपद वह बीजीय व्यंजक है जिसमें कई पद होते हैं, जैसे 3×2+5x−73x^2 + 5x – 73×2+5x−7।
उदाहरण:
- x2+3x+2x^2 + 3x + 2×2+3x+2
- 4y3−2y+94y^3 – 2y + 94y3−2y+9
- 777 (यह एक अचर बहुपद है)
यदि किसी पद में चर का घात ऋणात्मक हो या भिन्नात्मक हो, तो वह बहुपद नहीं कहलाता।
बहुपद का सामान्य रूप और सूत्र
किसी एक चर xxx के लिए बहुपद को सामान्य रूप में इस प्रकार लिखा जाता है: P(x)=anxn+an−1xn−1+an−2xn−2+⋯+a1x+a0P(x) = a_nx^n + a_{n-1}x^{n-1} + a_{n-2}x^{n-2} + \dots + a_1x + a_0P(x)=anxn+an−1xn−1+an−2xn−2+⋯+a1x+a0
जहाँ —
- an,an−1,an−2,…,a0a_n, a_{n-1}, a_{n-2}, \dots, a_0an,an−1,an−2,…,a0 = गुणांक (coefficients)
- nnn = सबसे बड़ा घातांक → बहुपद की घात (degree)
- an≠0a_n \neq 0an=0
- a0a_0a0 = स्थिर पद (constant term)
उदाहरण:
P(x)=2×3−3×2+5x−1P(x) = 2x^3 – 3x^2 + 5x – 1P(x)=2×3−3×2+5x−1
इसमें n=3n = 3n=3, इसलिए यह एक त्रिघातीय बहुपद (cubic polynomial) है।
बहुपद के प्रकार (Types of Polynomials)
बहुपदों को दो मुख्य आधारों पर बाँटा जाता है:
पदों (Terms) की संख्या के आधार पर
| प्रकार | परिभाषा | उदाहरण |
|---|---|---|
| एकपदी बहुपद (Monomial) | केवल एक पद हो | 5×3,−2y,75x^3, -2y, 75×3,−2y,7 |
| द्विपदी बहुपद (Binomial) | दो पद हों | x+3,4×2−7x + 3, 4x^2 – 7x+3,4×2−7 |
| त्रिपदी बहुपद (Trinomial) | तीन पद हों | x2+5x+6x^2 + 5x + 6×2+5x+6 |
| बहुपदीय (Multinomial) | तीन से अधिक पद हों | x4−2×3+x2−1x^4 – 2x^3 + x^2 – 1×4−2×3+x2−1 |
घात (Degree) के आधार पर
| प्रकार | सामान्य रूप | उदाहरण |
|---|---|---|
| अचर बहुपद (Constant) | केवल संख्यात्मक पद | 5,−7,π5, -7, \pi5,−7,π |
| रैखिक बहुपद (Linear) | घात = 1 | 2x+32x + 32x+3 |
| द्विघातीय बहुपद (Quadratic) | घात = 2 | x2−5x+6x^2 – 5x + 6×2−5x+6 |
| त्रिघातीय बहुपद (Cubic) | घात = 3 | x3+2×2−x+4x^3 + 2x^2 – x + 4×3+2×2−x+4 |
| चतुर्थ घातीय (Quartic) | घात = 4 | x4−3×2+2x^4 – 3x^2 + 2×4−3×2+2 |
बहुपद का मान निकालना (Value of a Polynomial)
यदि P(x)P(x)P(x) एक बहुपद है और x=kx = kx=k किसी निश्चित संख्या के बराबर है,
तो P(k)P(k)P(k) को बहुपद का मान कहा जाता है।
उदाहरण: P(x)=x2−3x−4P(x) = x^2 – 3x – 4P(x)=x2−3x−4
यदि x=2x = 2x=2,
तो (P(2) = (2)^2 – 3(2) – 4 = 4 – 6 – 4 = -6
]
बहुपद के शून्यक (Zeros or Roots)
यदि किसी बहुपद P(x)P(x)P(x) के लिए P(r)=0P(r) = 0P(r)=0 हो जाए,
तो rrr को उस बहुपद का शून्यक (zero) या मूल (root) कहते हैं।
उदाहरण:
P(x)=x2−5x+6P(x) = x^2 – 5x + 6P(x)=x2−5x+6
यहाँ P(2)=0P(2) = 0P(2)=0 और P(3)=0P(3) = 0P(3)=0,
अतः इस बहुपद के शून्यक हैं — 222 और 333।
शून्यक और गुणांकों का संबंध
यदि किसी द्विघातीय बहुपद के शून्यक α\alphaα और β\betaβ हैं,
तो: α+β=−ba,αβ=ca\alpha + \beta = -\frac{b}{a}, \quad \alpha\beta = \frac{c}{a}α+β=−ab,αβ=ac
जहाँ ax2+bx+c=0ax^2 + bx + c = 0ax2+bx+c=0 उस बहुपद का सामान्य रूप है।
बहुपद का विभाजन (Division of Polynomial)
किसी भी बहुपद को दूसरे बहुपद से दीर्घ भाग विधि (long division) द्वारा विभाजित किया जा सकता है।
यदि P(x)P(x)P(x) को x−rx – rx−r से विभाजित किया जाए,
तो शेषफल (remainder) P(r)P(r)P(r) के बराबर होता है।
इसे शेष प्रमेय (Remainder Theorem) कहा जाता है।
बहुपद का गुणनखंड (Factorization)
यदि किसी बहुपद का शून्यक rrr हो,
तो (x−r)(x – r)(x−r) उसका एक गुणनखंड (factor) होता है।
उदाहरण:
P(x)=x2−5x+6=(x−2)(x−3)P(x) = x^2 – 5x + 6 = (x – 2)(x – 3)P(x)=x2−5x+6=(x−2)(x−3)
बहुपद के कुछ प्रमुख उदाहरण
| क्रम | बहुपद | प्रकार | घात |
|---|---|---|---|
| 1 | 5x+75x + 75x+7 | रैखिक | 1 |
| 2 | x2−4x+3x^2 – 4x + 3×2−4x+3 | द्विघातीय | 2 |
| 3 | 2×3+x−12x^3 + x – 12×3+x−1 | त्रिघातीय | 3 |
| 4 | 777 | अचर | 0 |
| 5 | x4−2×3+5×2−x+9x^4 – 2x^3 + 5x^2 – x + 9×4−2×3+5×2−x+9 | चतुर्थ घातीय | 4 |
(FAQs)
प्रश्न 1: बहुपद की पहचान कैसे करें?
उत्तर: यदि किसी अभिव्यक्ति में केवल जोड़, घटाना, गुणा के चिह्न हों और चर की घात पूर्णांक (0, 1, 2, 3…) हो, तो वह बहुपद है।
प्रश्न 2: बहुपद और बीजीय अभिव्यक्ति में क्या अंतर है?
उत्तर: हर बहुपद एक बीजीय अभिव्यक्ति है, लेकिन हर बीजीय अभिव्यक्ति बहुपद नहीं होती। यदि घात ऋणात्मक या भिन्नात्मक हो, तो वह बहुपद नहीं कहलाती।
प्रश्न 3: द्विघातीय बहुपद का सूत्र क्या होता है?
उत्तर: द्विघातीय बहुपद का सामान्य रूप ax2+bx+cax^2 + bx + cax2+bx+c होता है, जहाँ a≠0a \neq 0a=0। इसके शून्यक ज्ञात करने का सूत्र है: x=−b±b2−4ac2ax = \frac{-b \pm \sqrt{b^2 – 4ac}}{2a}x=2a−b±b2−4ac
प्रश्न 4: शेष प्रमेय क्या कहता है?
उत्तर: यदि P(x)P(x)P(x) को x−rx – rx−r से विभाजित किया जाए, तो शेषफल P(r)P(r)P(r) के बराबर होता है।
प्रश्न 5: बहुपद का घात कैसे ज्ञात करें?
उत्तर: किसी बहुपद के पदों में जो सबसे बड़ा घातांक है, वही उसका घात कहलाता है। उदाहरण के लिए 3×4+2×2+13x^4 + 2x^2 + 13×4+2×2+1 का घात 4 है।
निष्कर्ष
बहुपद गणित का एक मूलभूत और अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है, जो बीजगणित की नींव रखता है।
यह आगे चलकर फैक्टराइजेशन, समीकरण हल करने, फंक्शन ग्राफ़, और कैलकुलस जैसे क्षेत्रों में उपयोगी होता है।
यदि आप इसकी परिभाषा, सूत्र और प्रकारों को अच्छी तरह समझ लें, तो लगभग सभी बीजीय प्रश्नों की नींव सुदृढ़ हो जाती है।