परिमेय संख्या (Rational Number) गणित की एक बहुत ही महत्वपूर्ण अवधारणा है। यह उन संख्याओं का समूह है जिन्हें भिन्न (fraction) के रूप में लिखा जा सकता है।
इस लेख में हम जानेंगे — परिमेय संख्या की परिभाषा, उदाहरण, प्रकार, गुण, और इससे जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर।
परिमेय संख्या क्या है? (Parimey Sankhya Ki Paribhasha)
परिमेय संख्या वह संख्या होती है जिसे p/q के रूप में लिखा जा सके,
जहाँ p और q दोनों पूर्णांक (integers) हों और q ≠ 0 हो।
अर्थात्,
यदि कोई संख्या दो पूर्णांकों के अनुपात में हो और हर (denominator) शून्य न हो, तो वह परिमेय संख्या कहलाती है।
उदाहरण:
1/2, 3/4, –5/6, 7 (क्योंकि 7 = 7/1), 0 (क्योंकि 0 = 0/5) आदि।
नोट:
- “परिमेय” शब्द “परिमाण” या “अनुपात” से बना है, अर्थात् यह “ratio” पर आधारित है।
- कोई भी संख्या जिसे fraction या ratio में व्यक्त किया जा सके, वह rational कहलाती है।
परिमेय संख्या के उदाहरण (Examples of Rational Numbers)
- धनात्मक परिमेय संख्याएँ:
1/3, 5/7, 9/2, 4/1 - ऋणात्मक परिमेय संख्याएँ:
–1/2, –3/4, –7/5 - शून्य (Zero):
0 = 0/1 = 0/5 = 0/99
अर्थात् शून्य भी परिमेय संख्या है। - दशमलव रूप में:
- 0.5 = 1/2
- 0.25 = 1/4
- 0.333… = 1/3
- समान परिमेय संख्याएँ:
- 1/2 = 2/4 = 3/6 (समान अनुपात)
परिमेय संख्या के प्रकार (Types of Rational Numbers)
| प्रकार | विवरण | उदाहरण |
|---|---|---|
| साधारण भिन्न (Proper Fraction) | जहाँ अंश < हर | 2/5, 3/7 |
| असाधारण भिन्न (Improper Fraction) | जहाँ अंश ≥ हर | 7/4, 9/3 |
| मिश्रित संख्या (Mixed Fraction) | पूर्णांक + भिन्न | 1½, 2¾ |
| धनात्मक परिमेय संख्याएँ | दोनों धनात्मक | 3/5, 2/3 |
| ऋणात्मक परिमेय संख्याएँ | एक ऋणात्मक, एक धनात्मक | –4/7, 5/–8 |
परिमेय संख्याओं के गुण (Properties of Rational Numbers)
परिमेय संख्याएँ जोड़, घटाव, गुणा और भाग जैसी गणितीय क्रियाओं पर कुछ विशेष गुणधर्मों का पालन करती हैं।
1. बंद गुण (Closure Property)
यदि a और b दोनों परिमेय हों, तो
- a + b, a – b, a × b, और a ÷ b (जब b ≠ 0) भी परिमेय होंगे।
2. पारगम्य गुण (Commutative Property)
- a + b = b + a
- a × b = b × a
3. संघ गुण (Associative Property)
- (a + b) + c = a + (b + c)
- (a × b) × c = a × (b × c)
4. वितरिक गुण (Distributive Property)
- a × (b + c) = (a × b) + (a × c)
5. इकाई तत्व (Identity Elements)
- जोड़ के लिए 0 → a + 0 = a
- गुणा के लिए 1 → a × 1 = a
6. व्युत्क्रमी गुण (Inverse Property)
- योजक व्युत्क्रमी: a + (–a) = 0
- गुणन व्युत्क्रमी: यदि a = p/q, तो उसका व्युत्क्रमी = q/p (जब p ≠ 0)
परिमेय और अपरिमेय संख्याओं में अंतर
| विशेषता | परिमेय संख्या | अपरिमेय संख्या |
|---|---|---|
| रूप | p/q के रूप में | p/q के रूप में नहीं |
| दशमलव रूप | समाप्त या आवर्ती | अनंत और गैर-आवर्ती |
| उदाहरण | 3/4, 0.25, –5/2 | √2, π, √3 |
| संख्या रेखा पर | दो बिंदुओं के बीच अनंत | सीमित रूप में नहीं लिखा जा सकता |
संख्या रेखा पर परिमेय संख्या
परिमेय संख्याओं को संख्या रेखा पर दर्शाया जा सकता है।
- 1/2 → 0 और 1 के बीच का मध्य बिंदु।
- –3/4 → 0 के बाईं ओर तीन चौथाई दूरी पर।
- 2/3 → 0 और 1 के बीच दो-तिहाई दूरी पर।
इस प्रकार परिमेय संख्याएँ रेखा पर समान दूरी पर व्यवस्थित रहती हैं।
दो परिमेय संख्याओं के बीच अनंत परिमेय संख्याएँ
यदि दो परिमेय संख्याएँ a और b हों, तो उनके बीच हमेशा अनंत परिमेय संख्याएँ होती हैं।
उदाहरण:
1/3 और 1/2 के बीच एक परिमेय संख्या = 1/3+1/22=512\frac{1/3 + 1/2}{2} = \frac{5}{12}21/3+1/2=125
इसी प्रकार और भी संख्याएँ (जैसे 7/18, 9/20 आदि) निकल सकती हैं।
परिमेय संख्याओं पर चार क्रियाएँ (Operations)
यदि a = p/q और b = r/s हों:
- जोड़: (p/q) + (r/s) = (ps + rq)/(qs)
- घटाना: (p/q) – (r/s) = (ps – rq)/(qs)
- गुणा: (p/q) × (r/s) = (pr)/(qs)
- भाग: (p/q) ÷ (r/s) = (p × s)/(q × r)
उदाहरण:
- 1/2 + 3/4 = 5/4
- 2/3 × 3/5 = 2/5
- (3/4) ÷ (2/7) = 21/8
परिमेय संख्याओं के उपयोग (Applications)
- अंकगणित में: भिन्नों, अनुपातों और दशमलवों में प्रयोग।
- बीजगणित में: समीकरणों व गुणनखंडों में।
- दैनिक जीवन में: माप-तौल, प्रतिशत, और अनुपात की गणना में।
- वित्त व सांख्यिकी में: औसत, ब्याज, और संभाव्यता में उपयोग।
महत्वपूर्ण बिंदु (Key Points)
- हर पूर्णांक परिमेय है (जैसे 7 = 7/1)।
- शून्य भी परिमेय संख्या है।
- दो परिमेय संख्याओं के बीच अनंत परिमेय संख्याएँ होती हैं।
- परिमेय संख्याओं का दशमलव रूप या तो समाप्त होता है या आवर्ती होता है।
(FAQs)
1. क्या 0 परिमेय संख्या है?
हाँ, क्योंकि 0 = 0/1 के रूप में लिखा जा सकता है।
2. क्या सभी पूर्णांक परिमेय हैं?
हाँ, क्योंकि किसी भी पूर्णांक n को n/1 के रूप में लिखा जा सकता है।
3. क्या √2 परिमेय संख्या है?
नहीं, क्योंकि इसका दशमलव रूप अनंत और गैर-आवर्ती है।
4. क्या 3.14 परिमेय है?
हाँ, क्योंकि यह 314/100 = 157/50 के रूप में लिखा जा सकता है।
5. दो परिमेय संख्याओं के बीच कितनी परिमेय संख्याएँ होती हैं?
अनंत — क्योंकि हर दो rational numbers के बीच infinite rational numbers होते हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
परिमेय संख्याएँ गणित की नींव का हिस्सा हैं।
ये हमें अनुपात, माप-तौल, और वास्तविक जीवन के गणना कार्यों को सरल और व्यवस्थित ढंग से समझने में मदद करती हैं।
हर छात्र को इनकी परिभाषा, प्रकार और गुण अच्छे से समझने चाहिए ताकि आगे की गणितीय अवधारणाएँ जैसे भिन्न, दशमलव, अनुपात और समीकरण स्पष्ट रहें।