परिचय
ज्यामिति (Geometry) में शंकु एक प्रमुख त्रिविमीय (3D) आकृति है। जब किसी शंकु को उसकी शीर्ष (vertex) से एक ऐसे समतल द्वारा काटा जाता है जो उसके आधार (base) के समानांतर होता है, तो नीचे बचा हुआ भाग शंकु का छिन्नक (Frustum of Cone) कहलाता है।
यह आकृति दो समानांतर वृत्तीय आधारों से मिलकर बनी होती है — एक ऊपरी और एक निचली। इन दोनों के बीच का भाग एक वक्र सतह (curved surface) से घिरा होता है।
शंकु का छिन्नक की परिभाषा
यदि किसी शंकु के ऊपरी भाग को एक समतल इस प्रकार काट दे कि वह समतल आधार के समानांतर हो, तो शंकु का जो निचला भाग शेष रह जाता है, उसे शंकु का छिन्नक कहते हैं।
इसे अंग्रेज़ी में Frustum of a Right Circular Cone या Truncated Cone कहा जाता है।
मुख्य बिंदु:
- इसमें दो वृत्तीय आधार होते हैं — ऊपरी (छोटा) और निचला (बड़ा)।
- इन दोनों आधारों के केंद्र एक ही रेखा पर स्थित होते हैं।
- छिन्नक की ऊँचाई (height) उन दोनों वृत्तों के केंद्रों के बीच की दूरी होती है।
- वक्र सतह (curved surface) शंकु की भुजा (slant) के समान झुकी हुई होती है।
शंकु का छिन्नक के प्रमुख भाग
- निचली त्रिज्या (R) – निचले वृत्त का त्रिज्या।
- ऊपरी त्रिज्या (r) – ऊपरी वृत्त का त्रिज्या।
- ऊँचाई (h) – दोनों वृत्तों के केंद्रों के बीच की लंबवत दूरी।
- स्लांट ऊँचाई (L) – झुकी हुई भुजा की लंबाई। L=h2+(R−r)2L = \sqrt{h^2 + (R – r)^2}L=h2+(R−r)2
शंकु का छिन्नक के सूत्र (Formulas)
1. आयतन (Volume)
V=13πh(R2+Rr+r2)V = \frac{1}{3}\pi h (R^2 + Rr + r^2)V=31πh(R2+Rr+r2)
जहाँ,
- RRR = निचली त्रिज्या
- rrr = ऊपरी त्रिज्या
- hhh = ऊँचाई
यह सूत्र शंकु के छिन्नक के अंदर समाहित कुल स्थान (volume) को दर्शाता है।
2. वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (Curved Surface Area – CSA)
CSA=π(R+r)LCSA = \pi (R + r) LCSA=π(R+r)L
यह सूत्र छिन्नक की ढालू सतह के क्षेत्रफल को बताता है।
3. समग्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (Total Surface Area – TSA)
TSA=π(R2+r2)+π(R+r)LTSA = \pi (R^2 + r^2) + \pi (R + r)LTSA=π(R2+r2)+π(R+r)L
इसमें दोनों वृत्तों के क्षेत्रफल और वक्र सतह दोनों का योग शामिल होता है।
उदाहरण (Examples)
उदाहरण 1
एक शंकु का छिन्नक जिसकी निचली त्रिज्या 6 सेमी, ऊपरी त्रिज्या 4 सेमी और ऊँचाई 8 सेमी है, उसका आयतन ज्ञात कीजिए।
हल: V=13πh(R2+Rr+r2)V = \frac{1}{3}\pi h (R^2 + Rr + r^2)V=31πh(R2+Rr+r2) V=13π(8)(62+6×4+42)V = \frac{1}{3}\pi (8)(6^2 + 6×4 + 4^2)V=31π(8)(62+6×4+42) V=8π3(36+24+16)=8π3(76)=608π3V = \frac{8\pi}{3}(36 + 24 + 16) = \frac{8\pi}{3}(76) = \frac{608\pi}{3}V=38π(36+24+16)=38π(76)=3608π
अर्थात् V ≈ 637.45 सेमी³
उदाहरण 2
यदि किसी छिन्नक की ऊँचाई 10 सेमी, निचली त्रिज्या 7 सेमी और ऊपरी त्रिज्या 3 सेमी है, तो उसका वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल निकालिए।
पहले स्लांट ऊँचाई निकालें — L=h2+(R−r)2=102+(7−3)2=116≈10.77L = \sqrt{h^2 + (R – r)^2} = \sqrt{10^2 + (7 – 3)^2} = \sqrt{116} ≈ 10.77L=h2+(R−r)2=102+(7−3)2=116≈10.77
अब, CSA=π(R+r)L=π(7+3)(10.77)=10π×10.77=107.7πCSA = \pi (R + r)L = \pi (7 + 3)(10.77) = 10\pi × 10.77 = 107.7\piCSA=π(R+r)L=π(7+3)(10.77)=10π×10.77=107.7π
अर्थात् CSA ≈ 338.4 सेमी²
शंकु का छिन्नक के वास्तविक उदाहरण
- बकेट (bucket)
- लैंपशेड (lamp shade)
- फूलदान (flower pot)
- ट्रंकेटेड ग्लास या कप
- ढोलक का ऊपरी भाग
इन सभी में शंकु का ऊपरी भाग काटा हुआ होता है, जिससे छिन्नक जैसा आकार बनता है।
निष्कर्ष
शंकु का छिन्नक ज्यामिति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण ठोस आकार है, जो वास्तविक जीवन की कई वस्तुओं जैसे बर्तन, गिलास और फूलदान में देखा जा सकता है। इसके आयतन और पृष्ठीय क्षेत्रफल के सूत्र याद रखने योग्य हैं — V=13πh(R2+Rr+r2)V = \frac{1}{3}\pi h (R^2 + Rr + r^2)V=31πh(R2+Rr+r2) CSA=π(R+r)LCSA = \pi (R + r)LCSA=π(R+r)L TSA=π(R2+r2)+π(R+r)LTSA = \pi (R^2 + r^2) + \pi (R + r)LTSA=π(R2+r2)+π(R+r)L
FAQs
1. शंकु का छिन्नक किसे कहते हैं?
जब किसी शंकु को आधार के समानांतर समतल द्वारा काट दिया जाता है और ऊपर का भाग हटा दिया जाता है, तो नीचे बचा हुआ भाग शंकु का छिन्नक कहलाता है।
2. छिन्नक की स्लांट ऊँचाई का सूत्र क्या है? L=h2+(R−r)2L = \sqrt{h^2 + (R – r)^2}L=h2+(R−r)2
3. शंकु और छिन्नक में क्या अंतर है?
शंकु में एक ही आधार और एक शीर्ष होता है, जबकि छिन्नक में दो समानांतर आधार होते हैं और शीर्ष नहीं होता।
4. शंकु के छिन्नक का आयतन कैसे निकाला जाता है? V=13πh(R2+Rr+r2)V = \frac{1}{3}\pi h (R^2 + Rr + r^2)V=31πh(R2+Rr+r2)
5. शंकु के छिन्नक का उपयोग कहाँ-कहाँ होता है?
यह आकार बाल्टी, कप, लैंपशेड, मापक पात्र और औद्योगिक डिज़ाइन में देखने को मिलता है।